Home » Forums Archives
Kavita Member Posts

अजीब दौर है – Hindi kavita by Seema jhunjhunwala (Kavitalay Member)

अजीब दौर हैं दिखावटो का दौर है। रिश्तो के नाम पर मिलावटो का दौर है। दिल की खुबसूरती से क्या लेना देना अभी तो नकली सजावटो का दौर है। हर कोई गुम है जाने किस तलाश में काम कम है, और ज्यादा थकावटो का दौर है । खत, कलम, स्याही, कहाँ हैं अब ऊँगलियों से […]

Kavita

अक्सर दरखतो के लिए – Kavita by Sarveshwar Dayal Saxena

अक्सर दरख्तों के लिये जूते सिलवा लायाऔर उनके पास खडा रहा वे अपनी हरीयाली अपने फूल फूल पर इतराते अपनी चिडियों में उलझे रहेमैं आगे बढ़ गयाअपने पैरों कोउनकी तरह जड़ों मेंनहीं बदल पायायह जानते हुए भीकि आगे बढना निरंतर कुछ खोते जानाऔर अकेले होते जाना है मैं यहाँ तक आ गया हूँ जहाँ दरख्तों […]

Member Posts

ये जिन्दगी बहुत कुछ सिखाती है – Kavita – By Rehanika Kaushik (Kavitalay Member)

ये जिन्दगी बहुत कुछ सिखाती है गिरना तो कभी उठना सिखाती है। वैसे तो भीड़ बहुत है दुनिया में लेकिन चंद रिश्ते बेहद खास ये बनाती है। नजारों से भरी दुनिया खूबसूरत है लेकिन, लम्हा-ए-जरूरत में बदसूरत नजर आती है।   यहां हर शख्स सिर्फ अपने लिए जीता है   दूसरों की मुसीबत पर उसको […]

Member Posts

Kavita – जिन्दगी – By Prem Srivastava (Kavitalay Member)

सोचा था सपनो को बहुत उँची उड़ान दूँगा इस छोर से उस छोर तक दुनीया छान दूंगा बचपन में छान देते थे जैसे सारा मुहल्ला सोचा वैसे ही जिन्दगी को एक मुकाम दूंगा। मासूम था वो बचपन जहाँ तारों के साये में सोते थे एक छोटे से खिलौने के लिए जिद्द पकड़ कर रोते थे […]