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Kavita Member Posts

अजीब दौर है – Hindi kavita by Seema jhunjhunwala (Kavitalay Member)

अजीब दौर हैं दिखावटो का दौर है। रिश्तो के नाम पर मिलावटो का दौर है। दिल की खुबसूरती से क्या लेना देना अभी तो नकली सजावटो का दौर है। हर कोई गुम है जाने किस तलाश में काम कम है, और ज्यादा थकावटो का दौर है । खत, कलम, स्याही, कहाँ हैं अब ऊँगलियों से […]

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औरत का सफ़र – Award Winning Hindi Kavita by Ramanand Thakur

“औरत का सफ़र” जन्म की पहली किलकारी से स्वर्ग की सीढ़ी तक अहम् किरदार निभाती है एक औरत की कहानी सबको सीख देके जाती है जन्म के वक्त माँ लक्ष्मी, पापा की परी तो माँ की लाडो बन आती है बहन की सच्ची सहेली तो भाई की जान बन जाती है कटता है हर वो […]

Kavita

अक्सर दरखतो के लिए – Kavita by Sarveshwar Dayal Saxena

अक्सर दरख्तों के लिये जूते सिलवा लायाऔर उनके पास खडा रहा वे अपनी हरीयाली अपने फूल फूल पर इतराते अपनी चिडियों में उलझे रहेमैं आगे बढ़ गयाअपने पैरों कोउनकी तरह जड़ों मेंनहीं बदल पायायह जानते हुए भीकि आगे बढना निरंतर कुछ खोते जानाऔर अकेले होते जाना है मैं यहाँ तक आ गया हूँ जहाँ दरख्तों […]

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युवा हूं मैं – Hindi Kavita – By Priyanka Katare

युवा दिवस के अवसर पर” युवा हूँ मैं ” कुछ कर जाने को आतुर हूँ मैं पल-पल होता व्याकुल हूँ, नव भारत का धुरा हूँ मैं, युवा हूँ मैं इक युवा हूँ मैं… हैं मेरे सपने बड़े- बड़े ना होंगे पूरे खड़े- खड़े, मुझे आगे- आगे बढ़ना है मुझे कठिन तपस्या करना है, कुछ इसके […]

Maa Member Posts

मां – A poem by Bharmal Garg

जब नेह नयन के दर्पण में। जब पावन पुण्य समर्पण में।। जब मात-पिता का वंदन हो। जब गुरुवर का अभिनन्दन हो।। जब मां बसे हों कण कण में। जब पिता बसे हों तन-मन में।। परिवार का सार्थक है। निज मन का सुखद है।। करुणा का दीप है। ज्ञान का प्रतीक है।। जीवन का आधार है। […]

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उम्रें गुजर गयी हैं अधूरी दास्तां के साथ – By Tushar Srivastava (Kavitalay Member)

उम्रें गुजर गयी हैं अधूरी दास्तां के साथ, मिलती है क्या कभी ये जमीं आसमां के साथ| नजरों में बस गया था बिना नज़र आये ही आहिस्ता हुए गुम फिर अपने जान-ए-जां के साथ| जाना किधर है और कहां मंजिल पता नहीं, चलते ही जा रहे हो फिर भी क्यूँ जहां के साथ| मुर्दा हैं […]

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जीवन भर घनघोर घटाएं,पग-पग पर संत्रास मिला – Kavita – By Sumit Vijayvargiya (Kavitalay Member)

जीवन भर घनघोर घटाएं, पग-पग पर संत्रास मिला। निज गौरव के अन्वेषण में, सर्वलोक उपहास मिला।। उमर हाथ से गई फिसल अब, आखों से आशा रूठी, तथाकथित गुरुता, गरिमा की माल भाल से जा छूटी, घोर तमिस्रा की कारा में, विधि है प्रबल प्रमाण मिला। क्षुद्र ग्रहों को मान मिला और चन्दा को अवमान मिला।। […]

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तेरे जाने के बाद – Nazm – By Arpit Thakur (Kavitalay Member)

किसी के जाने के बाद यार क्या-क्या नहीं बदलता। पहले मैं डीपी बहुत बदलता था यार अब नहीं बदलता। कभी वह पास से गुजर जाती थी, तो क्या-क्या बदल जाता था, और अब अगर गुजरे तो मेरा मूड तक नहीं बदलता। तू अचानक कितनी बदल गई मगर ताज्जुब है, अभी तक मेरे जहन में, तेरा […]

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इल्ज़ाम वो, जिनकी कोई बुनियाद नहीं – Poem – By Gaurav Pareek “फागवी” (Kavitalay Member)

मुझपे हैं इल्ज़ाम वो, जिनकी कोई बुनियाद नहीं मामला है क्या, मुद्दा क्या है, कुछ भी तो याद नहीं| बेशक, अशरफियों की चमक ने मुगालते पाले हैं यकीन ख़ुद ओ’ इल्म पे है, हम भी बरबाद नहीं| भले ही हूर हैं, बाग़ में चहकती बुलबुल हैं वो फरिश्ते, बेशक ना हों, हम भी सय्याद नहीं| […]

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किसी का खयाल तुम्हारे जेहन में जब ठहरने लगे – Poem – By Tushar Srivastava (Kavitalay Member)

किसी का खयाल तुम्हारे जेहन में जब ठहरने लगे कहो ये दिल से उसी दिन से वो सम्भलने लगे। वो एक शख्स जो सामने हो तो खुश होऊँ मैं अश्क आ जाएं गर सपनों में भी बिछड़ने लगे। अभी देखा ही कहाँ उसका हुनर तुमने ऐ लोगों वो जरा जुल्फें गिरा दे तो शाम ढलने […]