युवा हूं मैं – Hindi Kavita – By Priyanka Katare

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युवा दिवस के अवसर पर
" युवा हूँ मैं "

कुछ कर जाने को आतुर हूँ
मैं पल-पल होता व्याकुल हूँ,

नव भारत का धुरा हूँ मैं,
युवा हूँ मैं इक युवा हूँ मैं…

हैं मेरे सपने बड़े- बड़े
ना होंगे पूरे खड़े- खड़े,

मुझे आगे- आगे बढ़ना है
मुझे कठिन तपस्या करना है,

कुछ इसके सिवा अरमान नहीं
ये सफर मगर आसान नहीं,
फिर भी राहों पर डटा हूँ मैं,
युवा हूँ मैं इक युवा हूँ मैं…

इस वतन की सब ज़िम्मेदारी
मेरे कांधों पर है भारी,

मुझे देश को आगे करना है
और हर कमजोरी से लड़ना है,

चाहे खुद भी उस से जुड़ा हूँ मैं,
युवा हूँ मैं इक युवा हूँ मैं…

मानाकि अब तक हारा हूँ
मैं विवशताओं का मारा हूँ,
फिर भी उम्मीदें पाले हूँ
खुद को संघर्ष में डाले हूँ,
कई बार गिरा फिर खड़ा हूँ मैं,
युवा हूँ मैं इक युवा हूँ मैं…

इक दिन मुझको विजय मिले
मेरी आंखों में भी खुशी पले,
जीत को मैं सिरमौर करूँ
देश को कुछ आगे और करूँ,
बस इसी आस पर जुटा हूँ मैं,
युवा हूँ मैं एक युवा हूँ मैं…!

प्रियंका कटारे 'प्रिराज'

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