Kavita – तस्वीर बना देना – By Vandana Agarwal ‘निराली’ (Kavitalay Member)

फुर्सत गर तुम्हें मिले 
मेरी भी इक तस्वीर बना देना 

खुद की छवि से 
मेरी भी इक छवि निकाल लेना 

गर ना मिले रंग कोई भी 
अपने रंग से मुझे रंग देना 

बीते हुए अहसासों की इक लकीर 
हृदय के कैनवस पे उतार लेना। 
--Vandana Agrwal

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