Kavita – कवितालय – By Ajay Tangar (Kavitalay Member)

Home » Member Posts » Kavita – कवितालय – By Ajay Tangar (Kavitalay Member)
Member Posts
अनजाने से चेहरों को है 
दोस्त बनाता कवितालय 

पथ से भटके लोगों को है
राह दिखाता कवितालय 

कभी कृष्ण सा सारथी बनकर 
ज्ञान बढ़ाता कवितालय 

कभी विरह के अनुभव से
है खूब रुलाता कवितालय 

राजनीति से परे बैठकर
सुख-दुख बतलाता कवितालय  

कभी शाम हमराह बनके 
प्यार सिखाता कवितालय

कभी नशे में चूर स्वप्न को
जमी पे लाता कवितालय
 
कभी पुराना साकी बनके 
जाम पिलाता कवितालय||

--Ajay Tangar

1 thought on “Kavita – कवितालय – By Ajay Tangar (Kavitalay Member)

Leave a Reply

%d bloggers like this: