अजीब दौर है – Hindi kavita by Seema jhunjhunwala (Kavitalay Member)

Home » Kavita » Member Posts » अजीब दौर है – Hindi kavita by Seema jhunjhunwala (Kavitalay Member)
Kavita Member Posts
अजीब दौर हैं दिखावटो का दौर है।
रिश्तो के नाम पर मिलावटो का दौर है।

दिल की खुबसूरती से क्या लेना देना
अभी तो नकली सजावटो का दौर है।

हर कोई गुम है जाने किस तलाश में
काम कम है, और ज्यादा थकावटो का दौर है ।

खत, कलम, स्याही, कहाँ हैं
अब ऊँगलियों से फोन मे लिखावटो का दौर हैं।

सच्चाई कहाँ दिखती हैं अब किसी चेहरे पे
झूठी खुशी, झूठी शान,
लगता है जैसे बनावटो का दौर है ।

-Seema Jhunjhunwala

2 thoughts on “अजीब दौर है – Hindi kavita by Seema jhunjhunwala (Kavitalay Member)

Leave a Reply

%d bloggers like this: