Ghazal Kavita Zaki Tariq

भरे तो कैसे परिंदा भरे उड़ान – Hindi Kavita by Zaki Tariq

 भरे तो कैसे परिंदा भरे उड़ान कोई  नहीं है तीर से ख़ाली यहाँ कमान कोई  थीं आज़माइशें जितनी तमाम मुझ पे हुईं  न बच के जाएगा अब मुझ से इम्तिहान कोई  ये तोता मैना के क़िस्से बहुत पुराने हैं  हमारे अहद की अब छेड़ो दास्तान कोई  नए ज़माने की ऎसी कुछ आँधियाँ उट्ठीं  रहा सफ़ीने […]

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अजीब दौर है – Hindi kavita by Seema jhunjhunwala (Kavitalay Member)

अजीब दौर हैं दिखावटो का दौर है। रिश्तो के नाम पर मिलावटो का दौर है। दिल की खुबसूरती से क्या लेना देना अभी तो नकली सजावटो का दौर है। हर कोई गुम है जाने किस तलाश में काम कम है, और ज्यादा थकावटो का दौर है । खत, कलम, स्याही, कहाँ हैं अब ऊँगलियों से […]

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नर हो नारी का सम्मान करो – Award Winning Hindi Kavita by Vandana Namdev

“नर हो नारी का सम्मान करो” नर हो, नारी का सम्मान करो। उनका ना कभी अपमान करो। हर पग के कांटे चुन लेगी, हर बात तुम्हारी सुन लेगी। तुम मानो या ना मानो ये, सपनों में तुम्हें ही बुन लेगी। नर हो तो फिर उत्थान करो, सब नारी का सम्मान करो। नारी ही जननी बनती […]

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कृति मै सर्वश्रेष्ठ हूंँ – Award Winning Hindi Kavita by Sarika Thakur

“कृति मै सर्वश्रेष्ठ हूंँ” क्यों करूंँ तेरी बराबरी, जब स्वयं ही मैं श्रेष्ठ हूंँ। उस विधाता के सृजन की, कृति मै सर्वश्रेष्ठ हूंँ ।। है तुझे अभिमान अपने जिस अस्तित्व का । वह भी एक उपहार है, मेरे ही कृतित्व का।। करके यूंँ अपमान, आज मेरे आंँचल का। बन रहा स्वयं ही अहंकारी, अपने ही […]

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औरत का सफ़र – Award Winning Hindi Kavita by Ramanand Thakur

“औरत का सफ़र” जन्म की पहली किलकारी से स्वर्ग की सीढ़ी तक अहम् किरदार निभाती है एक औरत की कहानी सबको सीख देके जाती है जन्म के वक्त माँ लक्ष्मी, पापा की परी तो माँ की लाडो बन आती है बहन की सच्ची सहेली तो भाई की जान बन जाती है कटता है हर वो […]

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अक्सर दरखतो के लिए – Kavita by Sarveshwar Dayal Saxena

अक्सर दरख्तों के लिये जूते सिलवा लायाऔर उनके पास खडा रहा वे अपनी हरीयाली अपने फूल फूल पर इतराते अपनी चिडियों में उलझे रहेमैं आगे बढ़ गयाअपने पैरों कोउनकी तरह जड़ों मेंनहीं बदल पायायह जानते हुए भीकि आगे बढना निरंतर कुछ खोते जानाऔर अकेले होते जाना है मैं यहाँ तक आ गया हूँ जहाँ दरख्तों […]

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युवा हूं मैं – Hindi Kavita – By Priyanka Katare

युवा दिवस के अवसर पर” युवा हूँ मैं ” कुछ कर जाने को आतुर हूँ मैं पल-पल होता व्याकुल हूँ, नव भारत का धुरा हूँ मैं, युवा हूँ मैं इक युवा हूँ मैं… हैं मेरे सपने बड़े- बड़े ना होंगे पूरे खड़े- खड़े, मुझे आगे- आगे बढ़ना है मुझे कठिन तपस्या करना है, कुछ इसके […]